सफलता का एकमात्र साधन पॉजिटिव कंपटीशन क्लासेस


बंडा, पॉजिटिव कंपटीशन से वर्तमान में एमपी पुलिस में 6 छात्र-छात्राओं ने किया क्वालीफाई पूर्व में 15 से अधिक लड़का लड़की हो चुकी है। क्वालीफाई
सफलता का एकमात्र साधन पॉजिटिव कंपटीशन क्लासेस
संवाददाता (प्रदीप कुमार)
खबर सागर जिले के बंडा ब्लाक स्थित ग्राम सौरई के निवासी शिक्षक देवेंद्र विश्वकर्मा जी एक छोटे स्तर पर छात्र-छात्राओं को होम कोचिंग देते हैं। जिससे बंडा ब्लाक में लगातार छात्र-छात्राओं को सफलता मिलती नजर आ रही।
 
क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने सभी क्वालीफाई छात्र छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। बंडा क्षेत्र का यूं ही नाम रोशन करते रहे उन्होंने क्षेत्र के सभी युवा छात्र-छात्राओं को बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी
कंपटीशन छात्र-छात्राओं का कहना। 
छात्र कोवन सिंह ने बताया मैं लगातार पॉजिटिव कंपटीशन से प्रैक्टिस कर रहा था।जहां पर शिक्षक देवेंद्र विश्वकर्मा जी कम से कम पैसों में कंपटीशन की प्रैक्टिस करवाते है। अगर बीते सालों की बात करें तो बंडा क्षेत्र में कंपटीशन की तैयारी के लिए सागर या भोपाल जाना पड़ता था।लेकिन अब बंडा मैं भी उच्च लेवल की प्रैक्टिस करवाई जाती है। क्योंकि देवेंद्र सर के नेतृत्व में नौकरी लेना कोई बड़ी बात नहीं ।क्योंकि जब से बंडा में कोचिंग क्लास चालू हुई है। तब से लगातार सरकारी नौकरियों में छात्र-छात्राये क्वालीफाई हो रहे हैं। सफलता के अवसर खुलते नजर आ रहे हैं।

 एमपी पुलिस में जिन के सिलेक्शन हुए!
सर की कोचिंग बंडा के छात्र-छात्राओं तक ही सीमित नहीं है।एक किस्सा राहतगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत से जुड़ा है। जहां से मोहित कुर्मी लगातार चार वर्षो से बंडा में किराए के रूम में रह कर पढ़ाई कर रहे थे।और सर के यहां कुछ सालों तक प्रैक्टिस की उसके बाद लगातार मेहनत करते रहे और एमपी पुलिस में क्वालीफाई हुई।
 और अन्य लड़का लड़की हुई क्वालीफाई बंडा से वैशाली तिवारी पहले से दिल्ली पुलिस में कार्यरत थी एमपी पुलिस का एग्जाम दिया और उसमें भी क्वालीफाई । राहुल सिंह लोधी आर्मी/आकृति सेन पटवारी/अंजलि प्रजापति नेहा अहिरवार,mp पुलिस /रागिनी पाठक जेल प्रहरी,हाकम लोधी mp पुलिस/शुभम चौराहा mp पुलिस/मनमोहन लोधी /ऋषि नामदेव रेलवे,जयदेव लोधी रेल्वे/और अन्य एमपी पुलिस ही नहीं और अन्य नौकरियों में भी क्वालीफाई है।

शिक्षक देवेंद्र विश्वकर्मा जी ने बताया बंडा ब्लाक में कंपटीशन का कोई साधन नहीं था। इसी को देखते हुए मैंने बच्चों के लिए होम ट्यूशन देना चालू किया था और मेरे पास ऐसे भी छात्र-छात्राएं आते हैं जिनके पास फीस भरने तक के लिए पैसे नहीं होते मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है। बंडा क्षेत्र के बच्चों को सरकारी नौकरियों में उच्च सफलता दिलाना है।

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